औरंगाबाद में शानो-शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्दी, कलाकारों के करतब देख दंग रह गए लोगबिलाल मस्जिद से सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सैयद हिमायत अली ने फीता काटकर किया शुभारंभ; आयोजक साजुद्दीन उर्फ भूरा मेवाती की अगुवाई में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाबरा

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औरंगाबाद में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश (ईद-ए-मिलादुन्नबी) का पर्व बेहद शानो-शौकत, अकीदत और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। जुलूस का नेतृत्व मेला संयोजक साजुद्दीन उर्फ भूरा मेवाती ने किया। जुलूस का शानदार आगाज पवसरा रोड स्थित बिलाल मस्जिद से हुआ, जिसका शुभारंभ सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सैयद हिमायत अली ने फीता काटकर किया।एक-एक आंख से मोड़ा लोहे का सरिया, 20 लाठियों के बीच से सुरक्षित निकले कलाकारजुलूस में मुख्य आकर्षण का केंद्र अखाड़े के उस्ताद कुमार गौरव और उनके साथी कलाकार रहे। कुमार गौरव ने अपनी एक-एक आंख से लोहे के मजबूत सरिये को मोड़कर ऐसा हैरतअंगेज करतब दिखाया कि दर्शक दंग रह गए। इसके अलावा 20 लाठियों के जाल के बीच से खुद को सुरक्षित निकालने जैसे जोखिम भरे कारनामों और लाठी-डंडों के पारंपरिक कला प्रदर्शन ने पूरे जुलूस में समां बांध दिया। कलाकारों की इस अदम्य कलाबाजी को देखकर हर किसी ने दांतों तले उंगली दबा ली।पुष्प वर्षा से स्वागत, जगह-जगह बंटा तबर्रुकजुलूस कस्बे के पवसरा रोड, मुख्य बाजारों और निर्धारित रास्तों से होता हुआ गुजरा।

जगह-जगह सामाजिक संगठनों और कस्बेवासियों ने फूलों की बारिश कर जुलूस का जोरदार स्वागत किया। कई स्थानों पर अकीदतमंदों और राहगीरों के लिए स्टॉल लगाकर शर्बत, फल व तबर्रुक (प्रसाद) का वितरण किया गया।सीओ सिटी ने खुद संभाली कमान, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजामजुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया। सीओ सिटी प्रखर पांडे ने खुद मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की कमान संभाली, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हुआ।प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूदइस मुबारक मौके पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सैयद हिमायत अली, आस मोहम्मद, हुसैन अली, नसीर पहलवान, साजिद अंसारी, नाजिम अंसारी, नईम कुरैशी, बबलू लोधी, महेंद्र दिवाकर, फिरोज सिद्दीकी, व्यापारी सुरक्षा फोरम के नगर अध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता, अब्दुल रशीद नकवी सहित औरंगाबाद के तमाम सभासद और भारी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अखाड़े के उस्ताद आस मोहम्मद ने अपनी आंखों से सरिया मोड़ा

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