औरंगाबाद में दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल, दस प्रमुख स्थानों पर भीषण जलभरावलापरवाही की भेंट चढ़ा नगर: नपा और PWD की ‘नूराकुश्ती’ में जनता पस्त, चेयरमैन आवास से लेकर नगर पंचायत दफ्तर तक सड़कें बनीं ताल-तलैया

याराजीव शर्मा औरंगाबाद मंगलवार दोपहर अचानक हुई दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने औरंगाबाद नगर पंचायत के जलनिकासी के तमाम दावों और तैयारियों की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। दो घंटे की बारिश से ही पूरा नगर जलमग्न हो गया और कम से कम दस प्रमुख स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया। नगर के कई मोहल्लों में स्थिति इतनी विकराल हो गई कि वहां बने प्राचीन तालाब ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगे, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल मानसून में यही मंजर देखने को मिलता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद से जागने का नाम नहीं ले रहे हैं।नपा कार्यालय के सामने ही हाईवे बना स्विमिंग पूलहैरानी की बात यह है कि जहां नगर पंचायत (नपा) का मुख्य कार्यालय स्थित है, उसी मोहल्ला जंगलीपीर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) पर जलभराव की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। हाईवे पर जल निकासी के लिए कोई नाला न होने के कारण बारिश का सारा पानी सड़क पर जमा हो गया, जिससे दर्जनों वाहन पानी के बीच फंस गए और लंबा जाम लग गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब खुद नपा कार्यालय के दरवाजे पर यह हाल है, तो बाकी नगर की सुध कौन लेगा?नूराकुश्ती में फंसा बालका रोड: स्कूल और मंदिर जाने वाले श्रद्धालु परेशानबालका रोड की स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। इस मार्ग पर प्रमुख स्कूल और प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं, जहां रोजाना सैकड़ों बच्चों और श्रद्धालुओं का आना-जाना होता है। नगर पंचायत और लोक निर्माण विभाग (PWD) के बीच खींचतान और खींचतान (नूराकुश्ती) के चक्कर में पिछले काफी समय से मात्र 150 मीटर सड़क का निर्माण लटका हुआ है। सड़क न बनने और जलनिकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण पूरी सड़क जलमग्न हो गई है, जिससे स्कूली बच्चे और श्रद्धालु पानी में से होकर गुजरने को मजबूर हैं।सावन से ठीक पहले नागेश्वर शिव मंदिर पर संकट, कांवड़ मेले पर छाए बादलआगामी सावन माह के पहले सोमवार से सुप्रसिद्ध प्राचीन नागेश्वर शिव मंदिर परिसर में भव्य शिव कांवड़ मेले का आयोजन होना है। लेकिन तैयारियों के दावों के बीच वर्तमान स्थिति यह है कि मंदिर मार्ग पर दो प्रमुख स्थानों पर भारी पानी भरा हुआ है। यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं की गई तो दूर-दराज से आने वाले शिवभक्तों और कांवड़ियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।चेयरमैन आवास के बाहर भी तालाब का तांडवमोहल्ला रंगरेजान और गुली रोड का हाल तो यह रहा कि पास में स्थित गुली तालाब ओवरफ्लो हो गया और उसका गंदा पानी सड़कों पर उफना आया।
गौरतलब है कि इसी मार्ग के समीप नगर पंचायत चेयरमैन का भी आवास है। चेयरमैन आवास के बिल्कुल पास जलभराव होने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है, जो प्रशासनिक अनदेखी का जीता-जागता प्रमाण है। इसके अलावा मोहल्ला दिल्ली दरवाजा, नई बस्ती और मालियान अव्वल में भी स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। इन मोहल्लों की सड़कें सालों से खस्ताहाल पड़ी हैं और आज तक इनकी कोई मरम्मत नहीं कराई गई है।प्रशासन का रटा-रटाया जवाबपूरे मामले में जब नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (EO) रोहित सिंह से बात की गई तो उन्होंने हमेशा की तरह रटा-रटाया आश्वासन देते हुए कहा, “बारिश के कारण हुए जलभराव से निपटने और नालों को तत्काल खुलवाने के लिए कर्मचारियों को काम पर लगा दिया गया है। जल्द ही पानी की निकासी करा दी जाएगी।”अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन कांवड़ मेले और सावन की शुरुआत से पहले नगरवासियों को इस विकराल जलभराव से मुक्ति दिला पाता है या फिर औरंगाबाद के लोग यूं ही हर बारिश में जलभराव का दंश झेलने को मजबूर रहेंगे।

