औरंगाबाद: तीज और 15 अगस्त से पहले झमाझम बारिश, गर्मी से मिली राहत लेकिन त्योहारों के बाज़ार की रौनक हुई फीकी
औरंगाबाद (बुलंदशहर)। कस्बा औरंगाबाद और आसपास के क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह मौसम ने अचानक करवट बदली। आसमान में बिजली की कड़कड़ाहट के साथ शुरू हुई जोरदार बारिश ने जहाँ पिछले दो दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से आम जनता को बड़ी राहत दी है, वहीं आगामी त्योहारों के बाज़ार पर इसका खासा असर देखने को मिला। कल शनिवार को मनाए जाने वाले महिलाओं के पवित्र त्योहार हरियाली तीज और 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) से ठीक पहले हुई इस बारिश ने त्योहार की तैयारियों की रफ्तार को धीमा कर दिया है।
बारिश के चलते नहीं लग सका शुक्रवार का पैठ बाज़ार
कस्बे में हर शुक्रवार को लगने वाला साप्ताहिक पैठ बाज़ार इस तेज़ बारिश की भेंट चढ़ गया। त्योहारों के सीज़न के कारण व्यापारियों को इस बाज़ार से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सुबह से ही शुरू हुई मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली की गड़गड़ाहट के कारण दुकानदार अपनी दुकानें तक नहीं सजा पाए।
कस्बे के स्थानीय दुकानदारों—पप्पी, शोयब खान, संजय कुमार, रवि वर्मा और नीरज लोधी ने अपनी चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा:
”तीज और स्वतंत्रता दिवस को लेकर बाज़ार में काफी रौनक का माहौल बन रहा था और अच्छे व्यापार की उम्मीद थी। लेकिन इस असमय बारिश ने त्योहारों की रौनक पर पानी फेर दिया है। ग्राहक बाज़ार तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, जिससे व्यापारियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।”
कस्बे में जगह-जगह जलभराव, राहगीर परेशान
झमाझम बारिश के कारण औरंगाबाद कस्बे के कई प्रमुख मार्गों, गलियों और बाज़ारों में जगह-जगह भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार की खरीदारी के लिए घर से निकलने वाली महिलाओं को भी जलभराव के चलते खासी परेशानी उठानी पड़ी।
कुल मिलाकर, इस बारिश ने उमस भरी गर्मी से तड़प रहे लोगों को सुकून तो ज़रूर दिया है, लेकिन त्योहार की दहलीज पर खड़े व्यापारियों और दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी ला दी है।
