गड्ढों और कीचड़ के रास्ते सफर तय करेंगे शिवभक्त? औरंगाबाद में बदहाल हाईवे को लेकर स्थानीय लोगों में रोष
गड्ढों और कीचड़ के रास्ते सफर तय करेंगे शिवभक्त? औरंगाबाद में बदहाल हाईवे को लेकर स्थानीय लोगों में रोष
औरंगाबाद पवित्र कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब महज कुछ ही दिन शेष बचे हैं, लेकिन शिवभक्तों के स्वागत और उनकी सुरक्षा के प्रशासनिक दावे धरातल पर हवाई साबित हो रहे हैं। कस्बे के भीतर से गुजरने वाले हाईवे के किनारे कई स्थानों पर सड़क इस कदर टूट चुकी है कि वहाँ गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसके अलावा, सड़क के दोनों ओर जमा गंदा पानी कांवड़ियों की आस्था और सुरक्षा दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनने वाला है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष है।चौकी के सामने और मुंडी रोड के पास बड़े गड्ढेकांवड़िए आमतौर पर हाईवे के किनारे-किनारे या सड़क के मुख्य हिस्से से होकर अपनी यात्रा पूरी करते हैं। लेकिन औरंगाबाद कस्बे में हाईवे के किनारे सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं दिख रहे हैं। कस्बा औरंगाबाद पुलिस चौकी के ठीक सामने और मुंडी रोड के पास सड़क बुरी तरह टूट चुकी है और वहाँ गहरे गड्ढे हो गए हैं। रात के अंधेरे में या भारी भीड़ के दौरान इन गड्ढों के कारण कांवड़ियों के चोटिल होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।सड़क किनारे जलभराव से बढ़ेगी परेशानीसड़क टूटने के साथ-साथ हाईवे के दोनों किनारों पर कई जगहों पर गंदा पानी भरा हुआ है। जलभराव के कारण कांवड़ियों को सड़क के बिल्कुल बीच से गुजरने पर मजबूर होना पड़ेगा, जिससे हादसों की आशंका और अधिक बढ़ जाएगी। पैदल चलने वाले शिवभक्तों के लिए गंदे पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना बेहद कष्टदायक होगा।”हर साल आश्वासन मिलता है, समाधान नहीं” — संजय कुमारस्थानीय निवासी संजय कुमार ने रोष व्यक्त करते हुए बताया:”हर वर्ष कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन सड़कों को दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन हर बार शिवभक्तों को इसी तरह की नारकीय स्थिति और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चौकी के सामने और मुंडी रोड के पास की स्थिति बेहद खराब है। अगर समय रहते इन गड्ढों को नहीं भरा गया और जलभराव की समस्या दूर नहीं की गई, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।”स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि कांवड़ यात्रा के सुचारू संचालन के लिए तत्काल गड्ढों को भरवाकर सड़क किनारे पैचवर्क कराया जाए और पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए।
